Jaundice in Hindi

Jaundice in Hindi

इस पोस्ट में हम jaundice in hindi, piliya, piliya rog ka ilaj hindi, पीलिया रोग को आयुर्वेद के नुक्से अपनाकर इस रोग से कैसे निजात पाए के बारे में बात करेंगे।


रोगाणुओं के फैलने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बना रहता है। वायरल हैपेटाइटिस या जॉन्डिस जिसे हम पीलिया रोग के नाम से भी जानते हैं, रोगाणुओं द्वारा फैलाया जाना वाला एक रोग है।इस रोग में व्यक्ति की त्वचा से लेकर आंखें, नाखून, पेशाब का रंग पीला होने लगता है, साथ ही लीवर कमजोर होकर ठीक से काम करना बंद कर देता है। 


Jaundice रोग में रोगी की भूख धीरे-धीरे कम हो जाती है और जी मचलाने की शि‍कायत होती है। अनिद्रा की शिकायत हो जाती है और रोगी को खुजली अधिक होती है ।


वैसे तो लोग पीलिया रोग हो जाने पर दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं पर आयुर्वेद में कुछ ऐसे नुक्से हैं जिनका प्रयोग करके इस रोग से राहत पा सकते हैं। 


अगर आपको लगे कि आप पीलिया रोग से ग्रसित है तो आप नीचे दिए गए नुक्से को जरूर अपनाएं।


Piliya rog ka ilaj hindi


चना:चने की दाल पानी में भिगों दे। फिर दाल निकाल कर समान मात्रा में गुड़ मिलाकर तीन दिन तक खाएं। प्यास लगने पर दाल का वही पानी पिएं ।


सौंठ : 12 ग्राम सौंठ गुड़ के साथ लेने से पीलिया में लाभ होता है। +आंवला : ताजे आंवले का रस साठ ग्राम, शहद पच्चीस ग्राम मिलाकर पीने से पीलिया में आराम होता है।


पीपल: यह काली-सी होती है; पंसारी के मिलती है। तीन पीपल को कूटकर छाछ में भिगो दें। 24 घण्टे भीगने के बाद पीपल को पीसकर जरा-सा नमक मिलाकर पानी के साथ पी जाएं। क्रमशः नित्य एक-एक पीपल बढ़ाएं। जब दस पीपल हो जाएं तो एकेक पीपल कम करें। इसके सेवन से पीलिया, यकृत, प्लीहा, पुराना ज्वर, भूख कम लगना, अपच के दस्त आदि ठीक हो जाते हैं। पुराने ज्वर में तो यह बहुत लाभ करती हैं। प्या्


प्याज : प्याज काटकर नींबू के रस में डाल दें। ऊपर से नमक, काली मिर्च डाल दें। इस प्रकार सुबह, शाम एक प्याज खाने से पीलिया दूर होगा।


सफेद प्याज के रस में गुड़ और पिसी हुई हल्दी मिलाकर प्रातः व शाम को पीने से लाभ होता है।


लहसुन : 4 कली लहसुन की पीसकर आधा कप गरम दूध में मिलाकर पिएं । ऊपर से और दूध पिएं। ऐसा प्रयोग चौथे दिन करने से ही पीलिया ठीक होना शुरू हो जाएगा तथा इस रोग से मुक्ति मिल जाएगी।


बादाम : आठ बादाम, 5 छोटी इलायची, दो छुहारा रात को मिट्टी के कोरे कुल्लड़ में भिगोएं। प्रातः बारीक पीस कर 70 ग्राम मिश्री, 70 ग्राम मक्खन मिला कर चटाएं । चौथे दिन ही पेशाब साफ आएगा। आलूबुखारा, पपीता, टमाटर, खरबूजा, नारंगी खाना भी पीलिया में लाभदायक है।


इमली : इमली को पानी में भिगोकर, मथकर पानी पीना उपयोगी है।


लौकी : लौकी को धीमी आग में दबाकर भुर्ता-सा बना लें, फिर इसका रस निचोड़ कर तनिक मिश्री मिलाकर पिएं । यह पीलिया में लाभकारी है ।


करेला : पीलिया में एक करेला पीसकर पानी मिलाकर सुबह, शाम नित्य पिलाएं।


मूली: पीलिया रोग हो जाने पर आपको 100 ग्राम मूली के पत्तों का रस लेना है और उसमें 20 ग्राम चीनी मिलाकर खाली पेट 15 से 20 दिन तक सेवन करना है इससे पीलिया रोग में आराम होगा।


नौसादर पीलिया रोग में बहुत ही गुणकारी है। 25 मिलीलीटर मूली के रस में लगभग आधा ग्राम नौसादर मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से पीलिया रोग में आराम मिलता है।


पीलिया रोग ठीक करने के लिए आपको एक चम्मच कच्ची मूली का रस लेना होगा और उसमें एक चुटकी जवाखार मिलाकर उसका सेवन करना होगा। इसका सेवन आप सुबह दोपहर और शाम को करें कुछ ही दिनों में आप को पीलिया रोग में आराम मिलेगा।


अगर आप दो चम्मच मूली के पत्तों के रस में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर 8 से 10 दिन तक सेवन करते हैं तो आपको पीलिया रोग में तुरंत लाभ मिलेगा।


आपने अपने बुजुर्गों से सुना होगा कि कच्ची मूली को सुबह खाने से कई रोगों से बचा जा सकता है। पर आप यह बात नहीं जानते की अगर आप रोज सुबह कच्ची मूली का सेवन करते हैं तो इससे पीलिया रोग को खत्म किया जा सकता है।


अगर आप 125 मिलीलीटर मूली के पत्तों के रस में 30 ग्राम चीनी मिलाकर और छानकर सुबह के समय सेवन करते हैं तो इससे हर प्रकार के पीलिया रोग में लाभ होता है।


अगर आप रोज मूली की सब्जी का सेवन करने लगते हैं तो इससे पीलिया रोग कम होने लगता है।


मूली में कई तरह के खनिज लवण पाए जाते हैं जैसे विटामिन सी, लोहा, कैल्शियम, सोडियम मैग्नीशियम ,क्लोरीन आदि पाए जाते हैं। जो जिगर के लिए फायदेमंद भी होते हैं और जिगर की क्रिया को ठीक रखते हैं। इसलिए आपको 100 से 150 मिलीलीटर मूली का रस लेना है और उसमें गुड़ मिलाकर तीन से चार बार सेवन करने से आराम मिलेगा।


अगर आप सिरके वाली मूली का सेवन करते हैं तो उससे भी पीलिया में लाभ मिलता है।


आपको आपको 10 से 15 मिलीलीटर मूली के रस को उबाल लेना है। इसे उतार कर उसमें 25 ग्राम चीनी या मिश्री मिलाकर रोज पीने से और साथ ही मूली के पत्ते और सब्जी का सेवन करने से रोग में आराम मिलता है।


नीम: नीम पीलिया के रोग के लिए बहुत ही गुणकारी है। आपको 10 मिलीलीटर नीम के पत्तों का रस और 10 मिलीलीटर अडूसा के पत्तों का रस और 10 मिलीलीटर शहद तीनों को मिलाकर सेवन करना चाहिए इससे पीलिया रोग में आराम मिलता है।


आपको 200 मिलीलीटर नीम के पत्तों के रस में चीनी को मिलाकर गर्म करना है। अगर आप इसे 3 दिन में 1 बार सेवन करते हैं तो इससे पीलिया रोग में आराम मिलता है।


बकरी का दूध: समुंदरफेन को घिस कर बकरी के दूध के साथ सेवन करने से पीलिया रोग में लाभ मिलता है।


अदरक: गुड, त्रिफला और अदरक को तीनों को एक साथ मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग में लाभ मिलता है।


परहेज: अगर आपको पीलिया रोग हो गया है तो आप को इन परहेज को जरूर अपनाना चाहिए। भरपेट खाना खाना नहीं चाहिए, लाल मिर्च, मसाले, तली हुई चीजें, ठंडे पानी का स्नान, बिना हल्दी के खाना खाना चाहिए। मैदे से बनी हुई चीजें , चर्बी युक्त भोजन, मछली, मांस और नमक सेवन करें और ज्यादा से ज्यादा आराम करें।


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